Friday, 2 August 2013

!! हमराज़ !!



मेरे दर्द का काश कोई हमराज़ होता
दर्द मुझे होती मरहम उसके पास होता
तकलीफे होने से पहले उसे अहसास होता
बरी बेरंग हो गई है ज़िन्दगी अब मेरी
काश जो दर्द देता है उसे भी इस दर्द का अहसास होता

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