कहाँ हमने अपने दामन से ज्यादा खुशियाँ मांगी थी
जो सबको दिया तूने बस वही हमने भी तो मांगी थी
जो ना थी हमारी किस्मत वो हमें ना दिया होता खुदाया
यूँ देकर क्यों छीन लिया, खुश होने से पहले दमन क्यों अश्को से भर दिया
क्या ये भी ना थी हमारी किस्मत के हम खुश हो पते
हर दर्द को सहना क्या यही हमारी किस्मत थी
दिल में अदना सा अरमान जगाना यही हमारी खता थी
जो सबको दिया तूने बस वही हमने भी तो मांगी थी
जो ना थी हमारी किस्मत वो हमें ना दिया होता खुदाया
यूँ देकर क्यों छीन लिया, खुश होने से पहले दमन क्यों अश्को से भर दिया
क्या ये भी ना थी हमारी किस्मत के हम खुश हो पते
हर दर्द को सहना क्या यही हमारी किस्मत थी
दिल में अदना सा अरमान जगाना यही हमारी खता थी
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